भारतीय संविधान के निर्माण की कहानी, संविधान में हुए अब तक के तमाम संशोधन और उनका भारतीय राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ा है, नए कानूनों का निर्माण और उनकी उपयोगिता, अनुपयोगी कानूनों के दुष्प्रभाव, भारतीय राजनीति के दांवपेंच इत्यादि अनेक ऐसे विषय हैं, जो इस पुस्तक में समेटे गए हैं। विधि शास्त्र और राजनीति शास्त्र दोनों का अद्भुत और बेजोड़ संगम है यह किताब, जो छात्रों, कंपनियों के निदेशकों, निवेशकों, शिक्षकों, सीए इत्यादि के लिए बहु उपयोगी सिद्ध होगी।
फिनोलॉजी लीगल के माध्यम से एक ओर जहाँ मार्गदर्शन मिलता है, वहीं महत्त्वपूर्ण जानकारियों की मदद से स्टॉक और म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों के लिए भी यह समान रूप से उपयोगी है। इसके अलावा कानून की पढ़ाई के लिए ही नहीं वरन, यह पुस्तक वकीलों, राजनेताओं, राजनीति में करियर बनाने के लिए उत्साहित युवाओं और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए भी एक एक उत्कृष्ट परिचयात्मक पुस्तक है।