राम पुनियानी जी के लेखों के संकलन के क्रम में प्रकाशित होने वाली यह पाँचवीं किताब है। इसमें अल्पसंख्यकों की समस्याओं और चुनौतियों पर आधारित आलेख संकलित हैं। हिन्दुत्व की राजनीति ने भारतीय समाज को खासा प्रभावित किया है। बारह सौ साल की हिन्दू-मुस्लिम संस्कृति को तहस-नहस करने की पूरी कोशिश की गयी। ईसाई धर्म के स्थापित होने की पहली सदी में भारत पहुँचे इस धर्म पर भी हिन्दुत्ववादियों ने हमला किया। इससे भारत की समन्वयकारी संस्कृति और उसकी प्रतिष्ठा को बहुत चोट पहुँची है। यह किताब अल्पसंख्यकों के मुद्दों को सामने लाने की एक कोशिश है। – इसी पुस्तक से