'अनुनाद' साहित्य और सिनेमा के क्षेत्र में समान अधिकार से संचार करने वाले अरुण खोपकर के चौदह लेखों का संग्रह है। अरुण खोपकर के समग्र लेखन में विश्व-बोध के साथ आसपास की गहन संवेदनाओं का संतुलन साधा गया है। सूचनाओं की यथातथ्यता, चकित कर देने वाली अंतर्दृष्टि के और प्रज्ञाओं के स्थानों तथा अंतर्मुख बना देने वाले मुकामों से यह विलक्षण गद्य निबंध-विधा को नया रूपाकार देता है। इस पुस्तक का अनुवाद निशिकान्त ठकार ने किया है