भारत एक पुनर्विचार
संवाद, सहयोग और सहभागिता के आधार पर तैयार शृंखला
यह एक प्रयास है जो:
- देश की वर्तमान समस्याओं और चुनौतियों के सकारात्मक समाधान को खोजता है
- हमारे बुनियादी संवैधानिक मूल्यों पर आधारित है
- एक सौ चालीस करोड़ भारतीयों के विकास के साझा लक्ष्य को क्रियान्वित करता है।
चैदह पुस्तकों की शृंखला समृद्ध भारत फ़ाउंडेशन द्वारा चार वरिष्ठ संपादकों - आकाश सिंह राठौर, मृदुला मुखर्जी, सैयदा हमीद और पुष्पराज देशपांडे - की देख-रेख में तैयार की गई है। भारत के 150 प्रमुख विचारकों के योगदान से संपन्न यह शृंखला वर्तमान सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक प्रतिमानों का पुनर्विचार करती है, ताकि भारत के संवैधानिक मूल्यांे को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। प्रत्येक पुस्तक देश के किसी एक ज्वलंत मुद्दे पर केंद्रित है, और उसे उस विषय के विशेषज्ञों द्वारा लिखा गया है।
"भारत का महामंथन : राष्ट्र, शासन और गणराज्य" भारत के प्रमुख राजनेताओं और नीति-निर्माताओं के गहन और सार्थक लेखों का संग्रह है। ये सभी लेख भारतीय राज्य की जटिलताओं की पड़ताल करते हैं। इन लेखों के माध्यम से भारतीय राज्य के अतीत, वर्तमान और भविष्य के बारे में अपने विशिष्ट दृष्टिकोण से लेखक ऐसे नए और साहसिक समाधान भी सुझाते हैं, जो भारत की प्रगति में बाधा बनने वाली बुनियादी कमियों को दूर कर सकते हैं।