‘कोर्ट मार्शल’ राजेश कुमार द्वारा सम्पादित है। इसमें कई रचनाकारों के लेख शामिल हैं। ‘कोर्ट मार्शल’ नाटक स्वदेश दीपक द्वारा लिखा गया है। ऐसा माना जाता रहा है कि भारतीय सेना में जातिवाद नहीं है। इस मान्यता को खारिज करता है यह नाटक। स्वदेश दीपक ने भारतीय सेना में व्याप्त जातिवाद की जकड़न को व्यापक ढंग से दिखाया है। सेना में जातिवादी मानसिकता के लोगों की कमी नहीं है। बी.डी. कपूर और कैप्टन वर्मा जैसे जातिवादी लोगों की वजह से सेना की बदनामी होती है। रामचन्दर को उसकी जाति को लेकर उसपर गन्दी टिप्पणी की जाती है। परिणामस्वरूप वह बाग़ी हो जाता है। वह अपने अधिकारी पर गोली चलाता है। कैप्टन वर्मा की मृत्यु हो जाती है और कैप्टन कपूर बच जाते हैं। यह घटना नाटक के केन्द्र में है। अर्थात् स्वदेश दीपक का ‘कोर्ट मार्शल’ जो वंचितों-उत्पीड़ितों का प्रस्थान बिन्दु था, वही अब अपने महत्तम रूप में आ गया है। – इसी पुस्तक से