हुकुम देश का इक्का खोटा चर्चित कथाकार नीलाक्षी सिंह की नवीनतम कृति है। यह कृति जीवन पर मँडराते मृत्यु और अनिश्चितता के संशय वाले सफर के बरक्स स्मृति, कल्पना और आत्मजिरह के सूतों से एक ऐसा विपर्यय रचती है जिससे होकर गुजरना ही नहीं, वहाँ बेमतलब रुक कर कुछ पल ठहर जाना भी पढ़ने वाले को खुशनुमा लगने लगता है।