अक्सर ऐसा होता है जब हम अपने घर-परिवार और काम-धंधे में व्यस्त हो जाते हैं तब हमें कॉलेज के दिन बहुत याद आते हैं। किसी-किसी के लिए ये यादें काग़ज़ पर उतरने के लिए बेक़रार हो जाती हैं। उपन्यास ‘कानपुर कनेक्शन’ की कहानी भी इसी बेक़रारी का नतीजा है। कानपुर के मशहूर कॉलेज एचबीटीआई से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके कुछ दोस्तों के साथ बीती ज़िंदगी को लिखने में लेखक अभय गुप्ता ने कल्पना का सहारा लेकर एक बेहतरीन कहानी का कैनवास तैयार किया है। दरअसल, किसी लक्ष्य को पाने के लिए समय, धैर्य और परिश्रम की ज़रूरत होती है। इस क्रम में सबसे अधिक सहायक होते हैं–दोस्त। यह उपन्यास भी ऐसी दोस्ती का प्रतिनिधित्व करता है जिसके कथानक में दोस्ती ही मूल भाव है। उसके साथ-साथ प्यार, संघर्ष आदि के रंग भी भरे पूरे हैं।