इम्परफेक्शनिस्ट इस जागतिक बेस्टसेलर पुस्तक के लेखक की किताब लचीली आदतें, जो टूटती नहीं पूरी निष्ठा से प्रयास करने के बाद भी हम अच्छी आदतें क्यों नहीं बना पाते? हम निरंतरता कायम रखने के लिए अपने स्तर पर सबसे अच्छी कोशिश करते हैं, लेकिन कुछ दिन अन्य दिनों से बेहतर होते हैं्। जब वास्तव जीवन होता है, तब हम अनिवार्य रूप से असफल हो जाते है, क्योंकि हम हर दिन अपने सामने आने वाली हर स्थिति में एक ही लक्ष्य का पीछा करते रहते हैं्। इस तरह हम अपनी आदतों को जीवन की उथलपुथल के प्रति अधिक लचीली कैसे बना सकते हैं? उन्हें लचीली बनाकर। अधिकतर लोग लचीलेपन को रबर बैंड से जोड़ते हैं। लेकिन इस शब्द का अर्थ सुनम्यता (resilient) भी होता है यह दबावों को सहन करने की क्षमता है। कठोर और भुरभुरी चीज़ों की तुलना में लचीली चीज़ें अधिक समय तक चलती हैं। पहली वाली चीजें, जो दबाव पड़ने पर बिखर जाती हैं। यही बात आदतों पर लागू होती हैं। कोई पारंपरिक आदत बदलने वाली नहीं होती : हर दिन, उसी समय, उसी स्तर का वही व्यवहार किया जाता है। लचीली आदतें तरल होती हैं: वे हर दिन की स्थिति के अनुसार अपने स्वरूप और तीव्रता को बदल देती हैं्। वे व्यस्त, थकान भरे बुरे दिनों में भी बनी रहती हैं्। बेहतर दिनों में वे फूलती-फलती हैं्। यदि आप अच्छी आदतें विकसित करने के लिए बार-बार प्रयास करके थक गए हैं, तो अपनी आदतों को लचीलेपन की महाशक्ति प्रदान कीजिए्। इलास्टिक हैबिटस् (लचीली आदतें) पिए्। इसे पढ़ने से आपको अपने जीवन को बदलने के लिए अधिक स्मार्ट आदतें क्या हैं, इसका पता चलने के साथ ही, उन्हें अपनाने में भी मदद मिलेगी।