रोज़मर्रा की भागदौड़ में हम अपने विचारों और अनगिनत कामों में इतने उलझ जाते हैं कि अपने आसपास की खूबसूरत दुनिया पर हमारा ध्यान ही नहीं जाता। लेखिका ग्रेचेन रुबिन के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। इन्द्रियों से जुड़ी एक चौंका देने वाली घटना ने उन्हें अचानक यह एहसास कराया कि वे अपने आसपास की दुनिया को सचमुच अनुभव ही नहीं कर रही थीं। उनका मानना है कि यदि हम अपनी पाँचों इन्द्रियों-गंध, स्वाद, स्पर्श, दृष्टि और श्रवण-का सचेत रूप से अनुभव करना सीख लें, तो जीवन अधिक समृद्ध और आनंदमय बन सकता है। इसके बाद उन्होंने अपनी इन्द्रियों पर ध्यान देना शुरू किया और उनका जीवन ही बदल गया। यह कैसे हुआ, यही इस पुस्तक में जानने को मिलेगा।
इस पुस्तक में जानिए
पांचों इन्द्रियों का महत्व
रोज़मर्रा की छोटी-छोटी चीज़ों (जैसे पसंदीदा भोजन और गीतों) में आनंद खोजने की कला
छोटी-छोटी आदतों और प्रयोगों के माध्यम से स्वयं को नए सिरे से जानने का अनुभव
वर्तमान क्षण को पूरी तरह जीने का तरीका
अधिक ऊर्जा, उत्साह और प्रेम के साथ जीवन जीने का मार्ग "वर्तमान क्षण में जीने की प्रेरणा देने वाली और व्यवहार में उतारने योग्य एक मार्गदर्शिका।" - सुसन केन, क्वाएट की लेखिका