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REKHTA PUBLICATIONS

Main Zinda Hoon- Hindi

R
Author: Rahat Indori
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Paperback
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राहत इंदौरी की काव्यशैली को उसकी साहसिकता, सरलता और भावनात्मक तीव्रता के लिए जाना जाता है। उनकी ग़ज़लें अक्सर प्रेम, सामाजिक मुद्दों, और देशभक्ति जैसे विषयों से जुड़ी होती है। उनकी ग़ज़लें गहरी भावनाओं से भरी हुई हैं और आम आदमी से जुड़ी हुई भी हैं, जिससे उनको आम लोगों के बीच सराहा जाता है। उनका लेखन आसान होने के बावजूद असरदार था, जिसमें गहरे अर्थ को सीधे शब्दों में व्यक्त किया गया था। राहत इंदौरी मुख्य रूप से पारम्परिक ग़ज़ल शैली में लिखते थे, जो उर्दू कविता का एक ख़ास रूप है, लेकिन उन्होंने इसमें समकालीन ट्विस्ट दिया। उनकी ग़ज़लें अक्सर आधुनिक दृष्टिकोण से जुड़ी होती थीं, जो समकालीन मुद्दों को पेश करती थीं। उनका काम आज भी पाठकों और श्रोताओं को दुनिया भर में प्रेरित करता है। “राहत इंदौरी” का पूरा नाम राहतुल्लाह क़ुरैशी था। उनका जन्म 01/01/1950 को इंदौर में हुआ। उनके पिता का नाम रिफ़त-उल्लाह क़ुरैशी और माँ का नाम मक़बूल-उन-निसा बेगम था। उन्होंने बी.ए. उर्दू की डिग्री देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी, इंदौर से, एम.ए. उर्दू साहित्य की डिग्री अवध यूनिवर्सिटी से और पीएच.डी. (उर्दू में मुशायरा) की डिग्री एम.पी. भोज यूनिवर्सिटी से हासिल की। इंदौर स्थित आई.के. कॉलेज, देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में 16 वर्षों तक उर्दू साहित्य के प्रोफ़ेसर के रूप में कार्य किया। इंदौर से प्रकाशित उर्दू तिमाही पत्रिका “शाख़ें” के 10 वर्षों तक सम्पादक रहे। कई भारतीय और पाकिस्तानी विश्वविद्यालयों में डॉ. राहत इंदौरी के जीवन और कृतियों पर शोध करने वाले शोधकर्ताओं ने पीएच.डी. की डिग्री प्राप्त की है। डॉ. राहत इंदौरी की ग़ज़लें महाराष्ट्र राज्य बोर्ड के कक्षा 9 और 11 के उर्दू पाठ्यक्रम में शामिल हैं।
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