इस किताब में आपको जिन कहानीकारों की कहानियाँ मिलेंगी, वो बहुत से लोगों के लिए नए हैं। इस किताब के ज़रीए कोशिश की गई है कि उन आवाज़ों को इकठ्ठा किया जाए जो अक्सर नज़र-अन्दाज़ कर दी गई हैं। इन कहानियों के ज़रीए आपको ये बताने की कोशिश की गई है कि हमारे समाज में जहाँ औरतें हमारे आस-पास साँस ले रही हैं, पैदा होते ही उन पर किस तरह पत्थर फेंकने शुरू कर दिए जाते हैं। ये कहानियाँ औरतों के साथ होने वाले ज़ुल्म का दस्तावेज़ भी हैं और समाज में उनको ना-समझ और दूसरा दर्जा देने वाले मर्दों का आईना भी