यह पुस्तक मशहूर ब्लेड रनर ऑस्कर पिस्टोरियस के जीवन संघर्ष, सफलता और उनके द्वारा उनकी महिला मित्र रीवा स्टीनकैंप की हत्या से हुई मान प्रतिष्ठा की हानि का परिचय है। कैसे एक प्रसिद्ध अद्भुत प्रतिभा का धनी व्यक्ति बदनामी के अंधकार में विलीन हो जाता है। ऑस्कर ने अपने करियर में 6 स्वर्ण , एक रजत और एक कांस्य पदक के साथ ही लन्दन ओलंपिक में शारीरिक दृष्टि से सक्षम धावकों के साथ भाग लेने वाला पहला दिव्यांग खिलाड़ी बनने का गौरव प्राप्त किया है वहीं दूसरी तरफ उसने अपनी एक गलती से सबकुछ गंवा दिया। पुस्तक को पढ़िए और फैसला कीजिये...ऑस्कर पिस्टोरियस एक नायक है या फिर खलनायक।