गहन शोध पर आधारित और उत्कृष्ट ढंग से लिखी गयी, ‘प्रेम और पूँजी’ (लव ऐण्ड कैपिटल) उस व्यक्ति के लगभग अलक्षित और हृदयस्पर्शी मानवीय पक्ष को उजागर करती है, जिसकी कृतियाँ उसके निधन के बाद दुनिया को पुनर्परिभाषित करने वाली थीं। अप्रकाशित सामग्री का सहारा लेते हुए, प्रसिद्ध जीवनीकार मैरी गैब्रियल ने कार्ल और जेनी मार्क्स के विवाह की कहानी प्रस्तुत की है। इससे गुज़रते हुए हम कार्ल को नये रूप में देखते हैं- एक समर्पित पिता और पति, मज़ाहिया स्वभाव वाला व्यक्ति जिसे पार्टियाँ पसन्द थीं, भयंकर टालमटोल करने वाला, दूसरों पर निर्भर रहने वाला, और जज्बे तथा जोश से भरा इंसान- इनमें से कोई भी चीज़ उसके दाम्पत्य जीवन को नष्ट कर दे सकती थी। बरसों के बेहद कठिन संघर्षों के दौरान कार्ल के प्रति जेनी का प्रेम बार-बार खरा उतरता रहा, इस दरम्यान वह धैर्यपूर्वक इन्तजार करती रहीं कि कार्ल अपनी महान् कृति ‘कापिटाल’ को पूरा करें। दशकों में फैली यह विस्तृत दास्तान उन्नीसवीं सदी के यूरोप की पृष्ठभूमि में कार्ल और जेनी की कहानी बयान करती है। ‘प्रेम और पूँजी’ रोमांस और क्रान्ति का एक असाधारण तथा भव्य वृत्तान्त है- और अब तक की सबसे महान् प्रेम कहानियों में से एक का वर्णन भी।