दामिनी यादव की कविताएँ हमारे समय की हर एक स्त्री के मन की वह आवाज़ है जिसे समाज तरह-तरह से दबाने की कोशिशें करता तो है लेकिन कामयाब नहीं हो पाता। इन कविताओं की ख़ासियत यह भी है कि इनकी आँच किसी दबाव से ठंडी नहीं पड़ती बल्कि समय के साथ और रौशन ही होती जाती है। इन कविताओं में ममता भी है और मुखरता भी। ये कविताएँ हमारे समाज की आवश्यक आवाज़ है जिसे दबाया नहीं जा सकता।