शिखर 20 साहित्य के नये शिखर साहित्य हमारे जीवन के साथ बदलता जाता है। बल्कि जीवन से तेज़ बदल सकता है- क्योंकि वह भविष्य में भी झाँक सकता है। इसलिए मिलेगा कि आज हम जो कुछ महसूस करते हैं, उसे पिछली सदी के अनेक लेखक लिख चुके हैं। यही इसकी सतत प्रासंगिकता का कारण है। इसमें पिछली सदी के वे साहित्यकार हैं, जिन्होंने आज़ादी के बाद हिन्दुस्तानी साहित्य को सँवारा। यह किताब इन लेखकों का परिचय-संग्रह भर नहीं है। इसमें इन रचनाकारों की खूबियों का मूल्याँकन और महत्त्वाकांक्षी युवा लेखकों के सीखने के लिए भी बहुत कुछ है।