पति-पत्नी के संबंधों के बीच यदि कोई तीसरा आ जाए तो क्या वे सही जीवन जी पाते हैं? इस उपन्यास में भी कैलाश और अश्विनी के बीच एक तीसरा आया है। वह कौन है? प्रेमी, माता-पिता या सिर्फ गलतफहमी? इसका सही उत्तर पाने के लिए यह उपन्यास पढ़िए, जिसमें प्रेम अपनी चरम सीमा को छू रहा है। पीड़ा और कौतूहल अंत तक कथा के साथ चलते हैं और एक गहरी संवेदना के साथ उपन्यास समाप्त होता है।