आज हिन्दुत्ववादी खुलेआम हिन्दू राष्ट्र बनाने की मुनादी कर रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव के समय भाजपा के दर्जन भर से ज्यादा नेताओं ने अबकी बार, चार सौ पार और संविधान बदलने का नारा दिया। दरअसल, हिन्दुत्ववाद नव-ब्राह्मणवाद है। इसलिए वे बाबा साहब डॉ. आंबेडकर के संविधान को नष्ट करना चाहते हैं। इसके लिए सैकड़ों भगवाधारी बाबाओं, प्रवचनकर्ताओं और शंकराचार्यों को मनुस्मृति की प्रशंसा करने और उसे संविधान बनाने की माँग करने के लिए लगा दिया गया है। लेकिन वे शायद मुगालते में हैं। इस देश के दलित, पिछड़े, आदिवासी, अल्पसंख्यक और महिलाएँ कभी भी संविधान पर आँच नहीं आने देंगे। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संविधान और लोकतन्त्र बचाने के लिए कमर कस ली है। इसीलिए समूचा बहुजन तबका आज राहुल गांधी के साथ खड़ा हो गया है। आंबेडकरवादियों ने हिन्दू राष्ट्रवादियों की चुनौती को गम्भीरता से लिया है। उन्होंने मनुवादियों की मानसिकता को भाँप लिया है। इसलिए वे बाबा साहब की तरह एक बार फिर से मनुवाद की होली जलाने के लिए बेताब हैं। – भूमिका से